भाग 5 / 6

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग

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परिचय

साइबर अपराध अक्सर सीमाओं के पार होते हैं। अपराधी एक देश में बैठकर दूसरे देश के नागरिकों को निशाना बना सकते हैं। ऐसे मामलों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। इस भाग में हम INTERPOL, विभिन्न नोटिस, MLAT और Letter Rogatory के बारे में जानेंगे।

INTERPOL और भारत

INTERPOL

International Criminal Police Organization

INTERPOL विश्व का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय पुलिस संगठन है जिसमें 195 सदस्य देश हैं। इसका मुख्यालय लियोन, फ्रांस में है।

भारत में INTERPOL

  • NCB (National Central Bureau): CBI भारत में INTERPOL का NCB है
  • INTERPOL Division: CBI में समर्पित INTERPOL विभाग
  • I-24/7 Network: सुरक्षित संचार नेटवर्क
  • Database Access: अपराधियों, चोरी के दस्तावेजों आदि का डेटाबेस

INTERPOL के कार्य

  • अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों की खोज में सहयोग
  • नोटिस और डिफ्यूजन जारी करना
  • अपराध डेटाबेस का प्रबंधन
  • प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
  • साइबर अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों पर विशेष फोकस

INTERPOL नोटिस

INTERPOL सात प्रकार के रंग-कोडित नोटिस जारी करता है, जिनमें से प्रत्येक का अलग उद्देश्य है:

R

Red Notice

रेड नोटिस

उद्देश्य: अंतर्राष्ट्रीय भगोड़े की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध।

महत्व: यह गिरफ्तारी वारंट नहीं है, बल्कि अनुरोध है। देश अपने कानूनों के अनुसार कार्रवाई करते हैं।
B

Blue Notice

ब्लू नोटिस

उद्देश्य: किसी व्यक्ति की पहचान, स्थान या गतिविधियों के बारे में जानकारी एकत्र करना।

उपयोग: जब गिरफ्तारी से पहले जानकारी चाहिए।
G

Green Notice

ग्रीन नोटिस

उद्देश्य: आदतन अपराधियों के बारे में चेतावनी।

उपयोग: जो व्यक्ति अन्य देशों में भी अपराध कर सकते हैं।
Y

Yellow Notice

येलो नोटिस

उद्देश्य: लापता व्यक्तियों, विशेषकर नाबालिगों की खोज।

उपयोग: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लापता व्यक्ति खोजना।
B

Black Notice

ब्लैक नोटिस

उद्देश्य: अज्ञात शवों की पहचान करना।

उपयोग: जब शव की पहचान स्थानीय स्तर पर संभव न हो।
O

Orange Notice

ऑरेंज नोटिस

उद्देश्य: किसी वस्तु, व्यक्ति या घटना से जुड़े खतरे की चेतावनी।

उपयोग: बम, हथियार, आतंकी खतरे की चेतावनी।
P

Purple Notice

पर्पल नोटिस

उद्देश्य: अपराधियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले तरीकों, वस्तुओं या छिपाव के तरीकों की जानकारी।

उपयोग: Modus Operandi साझा करना।
Red Notice सत्यापन

Red Notice की वैधता INTERPOL की वेबसाइट (interpol.int) पर सत्यापित की जा सकती है। फर्जी Red Notice के मामले भी सामने आए हैं, इसलिए हमेशा सत्यापन करें।

MLAT - पारस्परिक कानूनी सहायता संधि

📚 MLAT क्या है?

Mutual Legal Assistance Treaty (MLAT) दो देशों के बीच एक द्विपक्षीय संधि है जो आपराधिक मामलों में साक्ष्य, दस्तावेज और जानकारी साझा करने की सुविधा प्रदान करती है।

भारत के MLAT समझौते

भारत ने निम्नलिखित देशों सहित 40+ देशों के साथ MLAT समझौते किए हैं:

  • संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
  • यूनाइटेड किंगडम (UK)
  • कनाडा
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  • सिंगापुर
  • ऑस्ट्रेलिया
  • फ्रांस, जर्मनी, इटली आदि

MLAT के तहत सहायता

सहायता प्रकार विवरण
साक्ष्य संग्रह दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्राप्त करना
गवाहों के बयान विदेश में गवाहों का बयान लेना
तलाशी और जब्ती संपत्ति की तलाशी और जब्ती
संपत्ति फ्रीज अपराध से प्राप्त संपत्ति को रोकना
व्यक्तियों का स्थानांतरण गवाही के लिए व्यक्तियों को भेजना
💡 साइबर अपराध में MLAT

जब कोई भारतीय नागरिक विदेशी सर्वर पर होस्ट की गई वेबसाइट से धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो MLAT के माध्यम से उस देश से सर्वर लॉग, उपयोगकर्ता जानकारी और वित्तीय रिकॉर्ड प्राप्त किए जा सकते हैं।

Letter Rogatory (लेटर रोगेटरी)

Letter Rogatory एक औपचारिक अनुरोध है जो एक देश की अदालत दूसरे देश की अदालत को भेजती है। इसका उपयोग तब होता है जब MLAT न हो या MLAT के दायरे से बाहर का मामला हो।

Letter Rogatory की प्रक्रिया

1

आवेदन दाखिल करना

जांच एजेंसी भारतीय अदालत में Letter Rogatory जारी करने का आवेदन करती है।

2

अदालत की मंजूरी

अदालत अनुरोध की समीक्षा करती है और Letter Rogatory जारी करती है।

3

विदेश मंत्रालय को भेजना

Letter Rogatory भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) को भेजी जाती है।

4

राजनयिक चैनल

MEA इसे राजनयिक चैनलों के माध्यम से संबंधित देश को भेजता है।

5

विदेशी देश में कार्रवाई

विदेशी अदालत अनुरोध पर विचार करती है और कार्रवाई करती है।

6

जानकारी वापसी

प्राप्त जानकारी उसी चैनल से वापस भारत आती है।

MLAT vs Letter Rogatory

पहलू MLAT Letter Rogatory
आधार द्विपक्षीय संधि अंतर्राष्ट्रीय शिष्टाचार
समय तुलनात्मक रूप से तेज धीमी प्रक्रिया (6-12 महीने)
बाध्यता कानूनी रूप से बाध्यकारी शिष्टाचार पर निर्भर
चैनल Central Authority के माध्यम से राजनयिक चैनल

सीमा-पार साक्ष्य अनुरोध

प्रमुख टेक कंपनियों से डेटा प्राप्त करना

अधिकांश प्रमुख टेक कंपनियां (Google, Facebook, Microsoft, Apple आदि) अमेरिका में स्थित हैं। भारतीय एजेंसियों को इनसे डेटा प्राप्त करने के लिए:

  • Emergency Disclosure Request: आपातकालीन मामलों में सीधे कंपनी से अनुरोध
  • MLAT Request: भारत-अमेरिका MLAT के तहत औपचारिक अनुरोध
  • IT Act Section 91: भारतीय कंपनियों/सब्सिडियरी से डेटा
CLOUD Act (USA)

अमेरिका का CLOUD Act 2018 कुछ देशों को सीधे अमेरिकी टेक कंपनियों से डेटा मांगने की अनुमति देता है। भारत इस पर बातचीत कर रहा है जो प्रक्रिया को तेज कर सकता है।

प्रत्यर्पण (Extradition)

प्रत्यर्पण वह प्रक्रिया है जिसके तहत एक देश दूसरे देश को अपराधी सौंपता है। भारत ने 40+ देशों के साथ प्रत्यर्पण संधियां की हैं।

प्रत्यर्पण के नियम विवरण
Double Criminality अपराध दोनों देशों में अपराध होना चाहिए
Specialty Rule केवल उसी अपराध के लिए मुकदमा जिसके लिए प्रत्यर्पित किया गया
Political Exception राजनीतिक अपराधों के लिए प्रत्यर्पण नहीं
Death Penalty कुछ देश मृत्युदंड के मामलों में प्रत्यर्पित नहीं करते
📚 मुख्य बिंदु
  • CBI भारत में INTERPOL का National Central Bureau (NCB) है
  • Red Notice गिरफ्तारी वारंट नहीं है, बल्कि अनुरोध है
  • INTERPOL के 7 रंग-कोडित नोटिस हैं जिनमें Red सबसे प्रसिद्ध है
  • MLAT द्विपक्षीय संधि है जो साक्ष्य साझा करने की सुविधा देती है
  • Letter Rogatory MLAT के अभाव में उपयोग होती है लेकिन धीमी है
  • विदेशी टेक कंपनियों से डेटा के लिए MLAT या Emergency Request की जरूरत
  • प्रत्यर्पण के लिए Double Criminality नियम लागू होता है