6.5.1 BNSS धारा 187 - डिफ़ॉल्ट जमानत
डिफ़ॉल्ट जमानत (जिसे Statutory Bail या Compulsive Bail भी कहते हैं) वह है जो अभियुक्त को तब मिलती है जब पुलिस निर्धारित समय सीमा में आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल करने में विफल रहती है।
डिफ़ॉल्ट जमानत एक "अटल अधिकार" (Indefeasible Right) है - यदि समय सीमा समाप्त हो जाती है और आरोप पत्र दाखिल नहीं होता, तो न्यायालय जमानत देने के लिए बाध्य है। यह अभियुक्त का वैधानिक अधिकार है।
"The right to be released on bail under Section 167(2) of CrPC [now BNSS 187] is an indefeasible right. The only requirement is that the accused must apply for bail before chargesheet is filed." Rakesh Kumar Paul v. State of Assam, (2017) 15 SCC 67
6.5.2 समय सीमाएं (Time Limits)
| अपराध की गंभीरता | समय सीमा | उदाहरण |
|---|---|---|
| 10 वर्ष से कम सजा | 60 दिन | IT अधिनियम धारा 66, 66C, 66D, 67 |
| 10 वर्ष या अधिक / आजीवन / मृत्युदंड | 90 दिन | IT अधिनियम धारा 66F (साइबर आतंकवाद) |
IT अधिनियम अपराधों में समय सीमा
| धारा | अपराध | अधिकतम सजा | समय सीमा |
|---|---|---|---|
| 66 | कंप्यूटर संबंधित अपराध | 3 वर्ष | 60 दिन |
| 66C | पहचान की चोरी | 3 वर्ष | 60 दिन |
| 66D | प्रतिरूपण द्वारा धोखा | 3 वर्ष | 60 दिन |
| 66E | गोपनीयता उल्लंघन | 3 वर्ष | 60 दिन |
| 66F | साइबर आतंकवाद | आजीवन | 90 दिन |
| 67 | अश्लील सामग्री | 3/5 वर्ष | 60 दिन |
| 67A | यौन स्पष्ट सामग्री | 5/7 वर्ष | 60 दिन |
| 67B | CSAM | 5/7 वर्ष | 60 दिन |
यदि IT अधिनियम के साथ BNS की गंभीर धाराएं (जैसे धारा 308 जबरन वसूली - 10 वर्ष) जोड़ी गई हों, तो समय सीमा 90 दिन हो जाएगी।
FIR में सबसे गंभीर अपराध की सजा देखें।
6.5.3 समय की गणना (Calculation)
गणना के नियम
- प्रारंभ: न्यायिक हिरासत का पहला दिन (पुलिस हिरासत नहीं)
- पुलिस हिरासत शामिल नहीं: केवल न्यायिक हिरासत की गणना
- रिमांड विस्तार: प्रत्येक रिमांड अवधि जोड़ी जाती है
- छुट्टियां शामिल: रविवार और छुट्टियां गिनी जाती हैं
आवेदन का समय
डिफ़ॉल्ट जमानत आवेदन आरोप पत्र दाखिल होने से पहले करना होगा। यदि आरोप पत्र पहले दाखिल हो गया, तो डिफ़ॉल्ट जमानत का अधिकार समाप्त हो जाता है।
रणनीति: 55वें दिन (60 दिन सीमा में) या 85वें दिन (90 दिन सीमा में) आवेदन दायर करें।
6.5.4 डिफ़ॉल्ट जमानत की प्रक्रिया
आवेदन में शामिल करें
- गिरफ्तारी की तिथि: कब गिरफ्तार किया गया
- न्यायिक हिरासत की तिथि: कब मजिस्ट्रेट ने रिमांड दिया
- दिनों की गणना: कुल कितने दिन हो गए
- आरोप पत्र की स्थिति: अभी तक दाखिल नहीं
- कानूनी प्रावधान: BNSS धारा 187 का उल्लेख
न्यायालय की भूमिका
- सत्यापन: न्यायालय गणना सत्यापित करेगा
- आरोप पत्र जांच: क्या आरोप पत्र दाखिल हुआ
- जमानत अनिवार्य: यदि समय सीमा समाप्त - जमानत देना अनिवार्य
- शर्तें: उचित शर्तें लगा सकता है
डिफ़ॉल्ट जमानत आवेदन का प्रारूप:
"आवेदक को दिनांक __ को गिरफ्तार किया गया और दिनांक __ से न्यायिक हिरासत में है। आज तक __ दिन हो गए हैं। FIR में उल्लिखित अपराधों में अधिकतम सजा __ वर्ष है, अत: समय सीमा 60 दिन है। अब तक कोई आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। BNSS धारा 187 के तहत आवेदक का डिफ़ॉल्ट जमानत का अटल अधिकार उदित हो गया है।"
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अटल अधिकार: डिफ़ॉल्ट जमानत Indefeasible Right है
- 60/90 दिन: 10 वर्ष से कम = 60 दिन, अधिक = 90 दिन
- IT अधिनियम: अधिकांश धाराओं में 60 दिन (66F अपवाद)
- आवेदन समय: आरोप पत्र से पहले - अन्यथा अधिकार समाप्त
- गणना: न्यायिक हिरासत से - पुलिस हिरासत शामिल नहीं
